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एक सरल घरेलू उपाय जो लाखों रुपये बचाएगा और सिर से पैर तक 72,000 नसों को साफ करता है!

आपके शरीर में पनपने वाली ज़्यादातर बीमारियों का कारण होता है नर्व ब्लॉकेज. जिसका इलाज अगर सही समय पर न किया जाए तो व्यक्ति गंभीर हृदय रोगों की चपेट में आ सकता है. अगर आप भी इस समस्या से जूझ रहे हैं तो हमारे लेख में बताए जाने वाले उन तीन बेजोड़ उपायों को अपनाएं  जो लाखों रुपये बचाएगा और आपको दर्द से राहत दिलाने के साथ साथ नर्व ब्लॉकेज की परेशानी से छुटकारा भी दिलाएंगे.

एक्सरसाइज और योग हर किसी के लिए फायदेमंद होता है. योग शरीर को बीमारियों से बचाता है, साथ ही शरीर में नई ताज़गी भी लेकर आता है. एक्सरसाइज और योग करने से शरीर अच्छे से काम करता है. क्योंकि यह शरीर के अंगों को खोलता है और खून का प्रभाव सही रखता है. योग में कई आसन हैं जो नसों की ब्लॉकेज को दूर करने में मदद करते हैं, जैसे कि भुजंगासन, ये आसन शरीर से थकावट दूर करने के साथ मोटापा भी घटाता है.

इस आसन से शरीर में खून का प्रभाव सही रहता है. शलभासन योग, इस आसन से शरीर के कई हिस्से खूल जाते हैं जैसे कि कंधें, पेट, कमर का निचला हिस्सा, पैर, और छाती. ये आसन कमर को मजबूत बनाता है. इस आसन के ज़रिये नसों की ब्लॉकेज से छुटकारा पाया जा सकता है. नियमित रूप से अगर आप एक गिलास अनार जूस पियेंगे तो आपको शरीर में ब्लड सर्कुलेशन में सुधार करने में मदद मिल सकती है। इससे किसी भी नस में ब्लॉकेज नहीं होगी।

बादाम की तासीर गर्म होती है, इसलिए इसको सही तरीके से खाना सेहत के लिए फायदेमंद होता है. नसों की ब्लॉकेज दूर करने के साथ-साथ बादाम का सेवन पेट दर्द और कब्ज जैसी परेशानी से भी निजात दिलाता है. अगर हर रोज़ आप सुबह खाली पेट 5 से 10 भीगे बादाम खाते हैं तो यह आपकी नसों की ब्लॉकेज जैसी समस्या दूर कर देता है. साथ ही, बादाम खाने से सोचने और समझने की क्षमता भी बढ़ जाती है. बादाम के साथ-साथ आप इसमें अखरोट की 4 गिरी और किशमिश भी खा सकते हैं.

नस की ब्लॉकेज के बाद उठने वाला दर्द बेहद तकलीफदायक होता है. इस दर्द से निजात पाने के लिए दूध और लहसुन का सेवन सर्वाधिक उत्तम है. ये सुनने में अजीब ज़रूर है मगर इसके फायदे जबरदस्त होते हैं. दूध और लहसुन खाने से दर्द में जल्द राहत मिलती है और शरीर की बंद नसें खूल जाती हैं.

हल्‍दी में मौजूद करक्‍यूमिन नामक तत्‍व भी दर्द और रुमेटाइड आर्थराइटिस के इलाज में उपयोगी है। अध्‍ययनों में सामने आया है कि करक्‍यूमिन नसों में दर्द से राहत दिलाता है। चाय, सब्‍जी या दूध में हल्‍दी मिलाकर ले सकते हैं। इसमें एंटी-ऑक्‍सीडेटिव, एंटी-इंफ्लामेट्री और नसों को सुरक्षा प्रदान करने वाले गुण होते हैं।

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